फरीदाबाद। 39 वें सूरजकुंड अंतरराष्ट्रीय आत्मनिर्भर महोत्सव में मेले की मुख्य चौपाल पर देश-विदेश के कलाकारों द्वारा अपने-अपने देश की पारंपरिक और लोक संस्कृति से पंडाल में मौजूद दर्शकों को रूबरू करवा रहे हैं। यह मुख्य चौपाल विश्व स्तर की लोक संस्कृतियों को नृत्य, गायन और वाद्य यंत्रों के माध्यम से प्रदर्शित करने का मुख्य मंच बन गया है।
इसी कड़ी में शुक्रवार को भी मेले की मुख्य चौपाल पर विदेशी कलाकारों के साथ-साथ देश के विभिन्न राज्यों के लोक कलाकारों ने अपनी-अपनी कला और संस्कृति को प्रदर्शित किया। हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व और पर्यटन मंत्री डा. अरविंद कुमार शर्मा के निर्देशन में आयोजित किए जा रहे सूरजकुंड मेला में मुख्य चौपाल पर लोक कलाकार दिनभर नृत्य, गायन और अन्य विधाओ से पर्यटकों को मंत्रमुग्ध करने के साथ-साथ पारंपरिक संस्कृति से जोड़ रहे हैं।
शुक्रवार को केप वर्डे, टोगो, मालावी, कांगो, रूस, घाना और कजाकिस्तान आदि देशों के प्रसिद्ध लोक कलाकारों ने अपनी-अपनी प्रस्तुतियों से मुख्य चौपाल पर रंग जमाए रखा। इसी के साथ-साथ देश के विभिन्न राज्यों के लोक कलाकारों ने भी अपनी प्रस्तुतियों से दर्शकों की खूब तालियां बटोरी। मेले की मुख्य चौपाल पर आयोजित हो रहे सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुतियां देखने के लिए दर्शकों की दिनभर भारी भीड़ लगी रहती है।
यह चौपाल लोक कलाकारों को विश्व स्तर पर पहचान दिलाने का मुख्य मंच बन गया है। लोक कलाकारों ने सूरजकुंड मेला में भव्य मंच उपलब्ध करवाने के लिए हरियाणा सरकार और सूरजकुंड प्रशासन का आभार व्यक्त करने के साथ-साथ सराहना भी की है। उनका कहना है कि सूरजकुंड मेला समस्त कलाकारों और शिल्पकारों के हुनर को नई पहचान दे रहा है।


