पलवल ( मुकेश बघेल) एसपीएस इंटरनेशनल, पलवल के विद्यार्थियों ने सामाजिक जागरूकता की दिशा में एक सराहनीय एवं अभिनव कदम उठाते हुए “डिजिटल प्रदूषण एवं उसके बच्चों, परिवारों एवं समुदाय पर प्रभाव” विषय पर तैयार अपनी छात्र-नेतृत्वित फील्ड रिसर्च रिपोर्ट माननीय उपायुक्त डॉ . हरिश कुमार वशिष्ठ महोदय को औपचारिक रूप से भेंट की।
इस अवसर पर विद्यार्थियों ने अत्यंत संयम, आत्मविश्वास एवं सामाजिक जिम्मेदारी के साथ अपने शोध निष्कर्ष प्रस्तुत किए।
125 विद्यार्थियों ने किया व्यापक शोध
विद्यालय द्वारा संचालित इस सुव्यवस्थित शोध कार्यक्रम में कक्षा 5 से 11 तक के कुल 125 विद्यार्थियों ने शोधकर्ता के रूप में सक्रिय भागीदारी की।
पारिवारिक एवं सामुदायिक स्तर पर फील्ड इंटरैक्शन,
उद्देश्यात्मक (Tick-based) प्रश्नावली,
खुले एवं चिंतनात्मक उत्तर,
के माध्यम से डिजिटल उपयोग के प्रभावों का गंभीर अध्ययन किया।
यह कार्यक्रम विद्यार्थियों को सामाजिक विषयों के प्रति संवेदनशील बनाने तथा अनुभवात्मक अधिगम के माध्यम से वास्तविक जीवन की चुनौतियों को समझने का अवसर प्रदान करने हेतु आयोजित किया गया।
शोध के प्रमुख निष्कर्ष –
सामूहिक विश्लेषण में निम्न बिंदु सामने आए—
अत्यधिक स्क्रीन उपयोग बच्चों की एकाग्रता, भावनात्मक संतुलन एवं अनुशासन को प्रभावित कर रहा है।
पारिवारिक संवाद एवं सहभागिता में निरंतर कमी देखी जा रही है।
बच्चों में मानसिक थकान एवं बाह्य खेलकूद की कमी स्पष्ट रूप से परिलक्षित हुई।
“डिजिटल प्रदूषण” एक तकनीकी समस्या मात्र नहीं, बल्कि सामाजिक एवं व्यवहारिक चुनौती के रूप में उभर रहा है।
विद्यार्थियों द्वारा सुझाए समाधान
विद्यार्थियों ने संतुलित एवं व्यवहारिक सुझाव प्रस्तुत किए—
डिजिटल स्वच्छता (Digital Hygiene) एवं समय-नियमन
पारिवारिक संवाद को सुदृढ़ करना
बाहरी खेलकूद एवं गैर-डिजिटल गतिविधियों को प्रोत्साहन
कठोर प्रतिबंध के स्थान पर जागरूकता-आधारित दृष्टिकोण अपनाना
माननीय उपायुक्त का उत्साहवर्धन
माननीय उपायुक्त डॉ. हरीश कुमार वशिष्ठ महोदय ने विद्यार्थियों की सामाजिक चेतना, अनुसंधान क्षमता एवं उत्तरदायित्व की भावना की भूरि-भूरि प्रशंसा की।
उन्होंने विद्यार्थियों को भविष्य में भी ऐसे जनहितकारी एवं जागरूकता आधारित प्रयास जारी रखने के लिए प्रेरित किया तथा इसे जिला स्तर पर सकारात्मक पहल बताया।
एसपीएस इंटरनेशनल की प्रतिबद्धता –
एसपीएस इंटरनेशनल, पलवल निरंतर भविष्य उन्मुख शिक्षा, अनुसंधान आधारित अधिगम, सामाजिक उत्तरदायित्व एवं मूल्य-आधारित नेतृत्व को बढ़ावा देता रहा है।
यह पहल इस तथ्य को रेखांकित करती है कि उचित मार्गदर्शन मिलने पर विद्यार्थी न केवल जागरूक नागरिक बन सकते हैं, बल्कि समाज को दिशा देने वाले युवा नेतृत्व के रूप में भी उभर सकते हैं।


