शिव सेना (UBT) प्रमुख उद्धव ठाकरे ने शनिवार (3 अगस्त) को भारतीय जनता पार्टी पर ‘पावर जिहाद’ करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि भाजपा सत्ता में रहने के लिए राजनीतिक दलों में फूट डाल रही है।
इसके साथ ही उद्धव ने गृह मंत्री अमित शाह को अहमद शाह अब्दाली का वंशज बताया। अब्दाली ने पानीपत के युद्ध में मराठाओं को हराया था। दरअसल 21 जुलाई को अमित शाह ने पुणे में ठाकरे को औरंगजेब फैन क्लब का लीडर कहा था। उद्धव इसी तंज का जवाब दे रहे थे।
अमित शाह का बयान और उस पर उद्धव का जवाब:
21 जुलाई, अमित शाह: उद्धव ठाकरे उन लोगों के साथ बैठे हैं, जिन्होंने 1993 के मुंबई बम धमाकों के दोषी याकूब मेमन के लिए जीवनदान मांगा था। औरंगजेब फैन क्लब क्या है? जो 26/11 के आतंकी हमले के दोषी कसाब को बिरयानी खिलाते हैं, जो जाकिर नाइक को शांति दूत पुरस्कार देते हैं और जो PFI का समर्थन करते हैं। उद्धव ठाकरे को इन लोगों के साथ बैठने में शर्म आनी चाहिए।
महा विकास अघाड़ी औरंगजेब फैन क्लब है। यह भारत की सुरक्षा सुनिश्चित नहीं कर सकता है। उद्धव ठाकरे इस फैन क्लब के लीडर हैं। यह फैन क्लब महाराष्ट्र और भारत को सुरक्षित नहीं रख सकता है। सबकी सुरक्षा सिर्फ भाजपा कर सकती है।
3 अगस्त, उद्धव ठाकरे: हमने अपने हिंदुत्व की व्याख्या की, इसके बावजूद अगर मुस्लिम हमारे साथ हैं, तो भाजपा के मुताबिक हम औरंगजेब फैन क्लब हैं। इस हिसाब से आप जो कर रहे हैं, वह पावर जिहाद है।
21 जुलाई को पुणे में ही अमित शाह ने कहा था कि विपक्ष हम पर भ्रष्टाचार का आरोप लगा रहा है, लेकिन भारतीय राजनीति में भ्रष्टाचार के सबसे बड़े सरगना शरद पवार हैं। अगर देश में किसी भी सरकार में किसी राजनेता ने भ्रष्टाचार को संस्थागत रूप दिया है, तो वह शरद पवार हैं और मुझे इस बारे में बिल्कुल भी संदेह नहीं है।
इसके जवाब में 22 जुलाई को NCP (एसपी) नेता शरद पवार ने गृह मंत्री अमित शाह पर निशाना साधा था। पवार ने कहा- कुछ दिनों पहले गृह मंत्री ने मेरे खिलाफ कुछ बातें कहीं। उन्हें मैं याद दिला दूं कि आज जो आदमी देश का गृह मंत्री है, वह ऐसा व्यक्ति है जिसने गुजरात के कानून का दुरुपयोग किया। इसके लिए सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें तड़ीपार (राज्य से बाहर) कर दिया था।
अमित शाह को 2010 में सोहराबुद्दीन शेख फर्जी एनकाउंटर मामले में दो साल के लिए राज्य से बाहर कर दिया गया था। बाद में उन्हें 2014 में इस मामले में बरी कर दिया गया
महाराष्ट्र की राजनीति में औरंगजेब को लेकर कब-कब हुआ विवाद
7 जून 2023: भाजपा नेता निलेश राणे ने X पर लिखा था- कभी-कभी लगता है कि शरद पवार औरंगजेब के अवतार हैं। जब चुनाव नजदीक आते हैं तो पवार साहब को मुस्लिम समुदाय की चिंता हो जाती है।
दरअसल, महाराष्ट्र में कुछ मुस्लिम युवकों ने सोशल मीडिया पर औरंगजेब और टीपू सुल्तान की तस्वीरें स्टेटस पर लगाई थीं। तस्वीर के साथ औरंगजेब और टीपू सुल्तान की तारीफ में कैप्शन भी लिखा था। इसके विरोध में 7 जून को कोल्हापुर में हिंदुत्ववादी संगठनों ने मार्च निकाला।
इस दौरान कई जगहों पर हिंसा और पथराव हुआ, जिसे काबू में करने के लिए पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा। हिंसा की इन घटनाओं में 36 लोगों को गिरफ्तार किया गया था।
इसके बाद NCP चीफ शरद पवार ने कहा था कि अभी ऐसी स्थिति है कि हमें मुस्लिम और ईसाई धर्म के लोगों की चिंता करनी चाहिए। पवार के इसी बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए निलेश ने उन्हें औरंगजेब का अवतार बताया था।
14 जून 2023: महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS) के प्रमुख राज ठाकरे ने अपने 55वें जन्मदिन पर मुगल शासक औरंगजेब और लाउडस्पीकर की तस्वीर वाला केक काटा। उन्होंने केक पर औरंगजेब की गर्दन वाली जगह पर चाकू चलाया और लाउडस्पीकर को क्रॉस कर दिया।
उनके समर्थक ये केक लेकर उनके घर पहुंचे थे। महाराष्ट्र में औरंगजेब की तस्वीर को लेकर कुछ दिन पहले हिंसा की घटनाएं सामने आई थीं। इसके बाद MNS के समर्थकों ने भी मुंबई में औरंगजेब का पुतला फूंका था। राज ठाकरे औरंगजेब के खिलाफ बोलते आए हैं। वे मस्जिद से लाउडस्पीकर में अजान के खिलाफ आंदोलन भी कर चुके हैं।


