सुप्रीम कोर्ट के SC आरक्षण में कोटा लागू करने की इजाजत देने के खिलाफ बुधवार को दलित-आदिवासी संगठनों ने 14 घंटे का भारत बंद बुलाया। नेशनल कन्फेडरेशन ऑफ दलित एंड आदिवासी ऑर्गनाइजेशन (NACDAOR) ने इसे दलित और आदिवासियों के संवैधानिक अधिकारों के खिलाफ बताया है।
बिहार में बंद का सबसे ज्यादा असर दिख रहा है। वहीं राजस्थान, मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश में इसको लेकर अलर्ट है। कांग्रेस, TMC, सपा, बसपा, RJD, झामुमो समेत कई दलों ने बंद का समर्थन किया है।
पीएम क्रीमी लेयर लागू करने से मना कर चुके
9 अगस्त को प्रधानमंत्री मोदी ने कहा था कि अनुसूचित जाति के आरक्षण में क्रीमी लेयर लागू नहीं किया जाएगा। 1 अगस्त को सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस बीआर गवई ने टिप्पणी की थी कि SC-ST में भी क्रीमी लेयर लागू करने पर विचार करना चाहिए। इसे लेकर दलित सांसदों ने PM से मिलकर अपनी चिंता जताई थी।
बिहार के गोपालगंज में प्रदर्शनकारियों ने स्कूल बस जलाने की कोशिश। बस में 20 बच्चे सवार थे। SP स्वर्ण प्रभात ने कहा है कि आरोपियों की पहचान कर एक-एक व्यक्ति पर नामजद FIR कर कार्रवाई की जाएगी।
यूपी के जालौन में प्रदर्शनकारी और पुलिसकर्मियों से भिड़ गए। सीओ को धक्का दे दिया। आगरा में सड़क पर उतरे बसपा कार्यकर्ताओं ने जबरन दुकानें बंद करवाईं। कलेक्ट्रेट कार्यालय के गेट पर बसपा का झंडा भी फहराया। हाईवे जाम कर लोगों से बदसलूकी की।
जोधपुर के सोमेसर गांव दुकान बंद कराने के लिए प्रदर्शनकारियों ने गर्म तेल की कढ़ाई उलट दी। इस कारण हलवाई के दोनों पैर जल गए। वहीं जोधपुर शहर में रैली निकालने के दौरान बंद समर्थक ट्रैफिक पुलिस की पोस्ट पर चढ़ गए।
SC आरक्षण में क्रीमी लेयर के सुप्रीम कोर्ट के सुझाव के खिलाफ भारत बंद पंजाब में बेअसर रहा। जालंधर में दलित-आदिवासी संगठन विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। वाल्मीकि समाज के नेताओं ने बंद का विरोध किया है। सुप्रीम कोर्ट का सुझाव सही बताते हुए नगर निगम सफाई यूनियन के सदस्यों ने जालंधर के कंपनी बाग चौक पर लड्डू बाटें।
बक्सर के अंबेडकर चौक के पास प्रदर्शनकारियों ने सिविल कोर्ट के अतिरिक्त जिला जज की गाड़ी को रोक दिया। हंगामा कर रहे लोग गाड़ी के आगे खड़े हो गए। पुलिसकर्मी भी मौजूद थे। वो प्रदर्शनकारियों को रास्ता देने के लिए समझाते रहे, लेकिन सभी नारेबाजी करते रहे। आखिरकार जज की गाड़ी को वापस मोड़ना पड़ा। बताया गया कि वो कोर्ट न जाकर अपने आवास वापस चले गए।


