कांग्रेस ने पहलगाम आतंकी हमले पर पार्टी नेताओं के बयानों से किनारा किया है। कर्नाटक CM सिद्धारमैया, कांग्रेस नेता आरबी तिम्मापुर, विजय वडेट्टीवार, मणिशंकर अय्यर, तारिक हमीद कर्रा, सैफुद्दीन सोज और रॉबर्ट वाड्रा के दिए बयानों से कांग्रेस का विरोध हो रहा है।
कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने सोमवार को कहा, ‘पार्टी नेताओं के बयान उनकी निजी राय हैं। ये कांग्रेस पार्टी की लाइन नहीं है। मैं बिल्कुल स्पष्ट कर देना चाहता हूं कि किसी ने इन नेताओं को ऐसा बोलने का अधिकार नहीं दिया है।’
उन्होंने कहा- ऐसे संवेदनशील समय में हमारा प्रस्ताव, सर्वदलीय बैठक में खड़गे जी और राहुल जी ने जो बोला और AICC के अधिकारी जो बोलेंगे, वह मान्य होगा। यहां-वहां लोग बोलते रहते हैं, उन्हें बोलना नहीं चाहिए। संवेदनशील समय में नेताओं को बोलने की जरूरत नहीं है।
इधर भाजपा ने कांग्रेस पार्टी पर निशाना साधा है। आरोप लगाया है कि विपक्षी दल के कुछ लोग पाकिस्तान की भाषा बोल रहे हैं। रविशंकर प्रसाद ने कहा- कांग्रेस सरकार के सभी फैसलों के साथ है, लेकिन कांग्रेस के कुछ नेताओं ने जम्मू-कश्मीर में पहलगाम हमले के बारे में गलत और अपमानजनक बयान दिए हैं।
निशिकांत दुबे ने पूछा- सिद्धारमैया देशभक्त हैं या देशद्रोही
भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने कहा- कर्नाटक के सीएम सिद्धारमैया देशभक्त हैं या देशद्रोही, लोगों को यह पता लगाना चाहिए। मुझे राहुल गांधी से कुछ पूछने की जरूरत नहीं है, मुझे अपने प्रधानमंत्री, गृह मंत्री और रक्षा मंत्री पर भरोसा है।
जम्मू-कश्मीर कांग्रेस के अध्यक्ष तारिक हामिद कर्रा के बयान पर दुबे ने कहा- क्या हमें उनकी (पाकिस्तान) आरती उतारनी चाहिए। पाकिस्तानी हमारे लोगों को मारेंगे और हम उनकी आरती उतारेंगे।
रविशंकर बोले- जब 26/11 का हमला हुआ, हम सरकार के साथ
रविशंकर प्रसाद ने कहा कि मुझे याद है कि जब 26/11 हुआ था, तो मुझे पार्टी की ओर से सख्त निर्देश मिले थे कि मुझे केवल एक ही लाइन लेनी चाहिए- हम सरकार के साथ हैं। यहां तक कि एक इंटरनेशनल चैनल पर इंटरव्यू के दौरान भी मैंने कहा था कि यह राजनीतिक हिसाब चुकता करने का समय नहीं है।


