चुनाव आयोग ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे को शुक्रवार (10 मई) को मतदान के आंकड़े जारी करने में देरी के उनके दावे पर पर नसीहत दी।
आयोग ने कहा कि वोटिंग का आंकड़ा के देने में कोई भी देरी नहीं हुई। उन्होंने (खड़गे) ऐसे आरोप लगाकर लोकसभा चुनाव की प्रक्रिया पर हमला करने की कोशिश की है। चुनाव के बीच में ऐसे आरोप लगाने से जनता में कन्फ्यूजन फैलता है और निष्पक्ष चुनाव की प्रक्रिया में दिक्कतें पैदा करता है।
आयोग ने आगे कहा कि इस तरह के बयान मतदाताओं की भागीदारी पर नकारात्मक प्रभाव डाल सकते हैं और राज्यों में बड़ी चुनाव मशीनरी को उत्साह को कम कर सकते हैं। आयोग ऐसे बयानों के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए प्रतिबद्ध है, जिसका उसके कोर मेनडेट पर सीधा असर पड़ता है।
EC ने यह भी कहा कि फाइनल वोटिंग डेटा हमेशा वोटिंग के दिन से ज्यादा ही रहता है। 2019 के चुनाव के बाद से हम मैट्रिक्स पर इसे अपडेट कर रहे हैं। हमारे डेटा कलेक्ट करने के तरीके में कोई भी गड़बड़ी नहीं है।
खड़गे ने I.N.D.I गठबंधन के दलों को लैटर लिखा था
मल्लिकार्जुन खड़गे ने 7 मई को I.N.D.I.A के दलों के नेताओं को लेटर लिखा था। खड़गे ने कहा था कि पहले चुनाव आयोग 24 घंटे के अंदर यह बता देता था कि कितना फीसदी मतदान हुआ है, लेकिन इस बार देरी हो रही है, उसकी वजह क्या है? इसे लेकर अभी तक आयोग द्वारा कोई सफाई क्यों नहीं दी गई है। देरी के बाद भी जो डेटा आयोग ने रिलीज किया है उसमें कई अहम जानकारियां नहीं हैं।
उन्होंने बताया था कि पहले चरण में 102 सीटों के लिए मतदान हुआ था। आयोग ने कहा कि 19.04.2024 को शाम 7 बजे तक अनुमानित मतदान लगभाग 60% था, जबकि इसी तरह दूसरे चरण (88 सीटों) के लिए अनुमानित मतदान लगभग 60.96% था (ये आंकड़े मीडिया में जारी किए गए थे) ऐसा क्यों है कि 20.04.2024 को पहले फेज का अनुमानित मतदान 65.5% हो गया और 27.04.2024 को दूसरे चरण के लिए मतदान प्रतिशत का डेटा 66.7% हो गया। इसके बाद 30.04.2024 को पहले चरण के लिए 66.14% और दूसरे चरण के लिए 66.71% के आंकड़े की पुष्टि की गई थी।
खड़गे ने दोनों फेज की फाइनल वोटिंग में 5.5% की बढ़ोतरी को लेकर सवाल उठाया था। खड़गे ने कहा था कि आयोग को बताना चाहिए कि हर पोलिंग स्टेशन पर कितना प्रतिशत मतदान हुआ। उन्होंने सभी सहयोगी दलों से इस तरह की कथित गड़बड़ी के खिलाफ आवाज उठाने की अपील की थी।
जयराम रमेश बोले- चुनाव आयोग का नजरिया बेहद अफसोसजनक
वहीं, इस मामले पर कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने कहा- खड़गे के लेटर पर चुनाव आयोग का जो रिएक्शन है उस पर क्या ही कहा जाए। चुनाव आयोग एक कांस्टीट्यूशनल बॉडी है, जिसे निष्पक्ष निकाय होने की जिम्मेदारी सौंपी गई है जो सभी पॉलिटिकल पार्टियों के लिए एक जैसे अवसर सुनिश्चित करता है।
रमेश ने आगे कहा कांग्रेस अध्यक्ष ने बिल्कुल जायज मुद्दे उठाए थे, जिस पर व्यापक चिंता और टिप्पणियां हुई हैं। इन मुद्दों के समाधान के लिए चुनाव आयोग का नजरिया बेहद अफसोसजनक है। इंडी गठबंधन में शामिल दलों का एक प्रतिनिधिमंडल आज शाम 5 बजे ECI से मिल रहा है।


