लोकसभा चुनाव के प्रचार के लिए प्रधानमंत्री मोदी ने महाराष्ट्र के नंदूरबार में चुनावी रैली को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने कहा- नकली शिवसेना वाले मुझे जिंदा गाड़ने की बात कर रहे हैं।
एक तरफ कांग्रेस है, जो कहती है कि मोदी तेरी कब्र खुदेगी। दूसरी तरफ नकली शिवसेना मुझे जिंदा गाड़ने की बात करती है। मुझे गाली देते हुए भी ये लोग तुष्टिकरण का पूरा ध्यान रखते हैं।
इसके अलावा मोदी ने आरक्षण के मुद्दे पर भी चर्चा की। मोदी ने कहा- मैं 17 दिन से कांग्रेस को चुनौती दे रहा हूं। मैंने कांग्रेस से कहा है कि वो लिखकर बताए कि वो SC-ST और OBC के आरक्षण के टुकड़े नहीं करेंगे। और न ही मुसलमानों में बाटेंगे।
मेरे सवाल का कांग्रेस ने अब तक जवाब नहीं दिया है। इसका मतलब कांग्रेस का हिडन एजेंडा आपका हक लूटना है। मेरे इस चैलेंज पर कांग्रेस की चुप्पी का मतलब दाल में कुछ काला है।
- आरक्षण पर कांग्रेस का हाल चोर मचाए शोर जैसा
आरक्षण पर कांग्रेस का हाल चोर मचाए शोर वाला है। धर्म के आधार पर आरक्षण बाबा साहेब की भावना के खिलाफ है। संविधान की भावना के खिलाफ है, लेकिन कांग्रेस का एजेंडा है- दलित, पिछड़े, आदिवासी का आरक्षण छीनकर अपने वोटबैंक को देना। - जिनका रंग भगवान कृष्ण जैसा, कांग्रेस उन्हें अफ्रीकन मानती है
कांग्रेस के शहजादे के गुरु अमेरिका में रहते हैं। उन्होंने भारत के लोगों पर रंगभेदी टिप्पणी की है। जिनका रंग भगवान कृष्ण जैसा होता है, कांग्रेस उन्हें अफ्रीकन मानती है। इसलिए द्रौपदी मुर्मू जी का राष्ट्रपति बनना उन्हें मंजूर ही नहीं था। शहजादे के गुरु ने अमेरिका से कहा है कि राम मंदिर का निर्माण और रामनवमी का उत्सव भारत के विचार के खिलाफ है। - हमने आदिवासी की बेटी को राष्ट्रपति बनाया
NDA ने आदिवासी बेटी को राष्ट्रपति बनाया। लेकिन आपको याद रखना चाहिए कि वो कौन लोग थे, जिन्होंने आदिवासी बेटी द्रौपदी मुर्मू जी को राष्ट्रपति का चुनाव हराने के लिए रात-दिन एक कर दिए थे। ये कांग्रेस वाले थे, जिन्होंने एक आदिवासी बेटी को राष्ट्रपति बनने से रोकने के लिए रात-दिन एक कर दिए थे। - कांग्रेस गरीबों के खिलाफ है
कांग्रेस वाले इतने अहंकार से भरे हुए हैं कि गरीब इनके लिए कोई मायने नहीं रखता। आज ये गरीब का बेटा आपका सेवक बनकर जब प्रधानमंत्री पद पर काम कर रहा है तो ये गरीब विरोधी मानसिकता वाले, शाही परिवार की मानसिकता वाले इसे बर्दाश्त नहीं कर पा रहे हैं। - शरद पवार हार से हताश हुए
महाराष्ट्र के एक दिग्गज नेता बारामती में चुनाव के बाद हताश हो गए हैं। उनको लगता है कि अगर 4 जून के बाद राजनीतिक जीवन में टिके रहना है, तो छोटे-छोटे दलों को कांग्रेस में विलय कर लेना चाहिए। इसका मतलब है कि नकली NCP और नकली शिवसेना ने कांग्रेस में मर्जर करने का मन बना लिया है।


