मनसे चीफ राज ठाकरे और उद्धव ठाकरे के राजनीति में साथ आने की खबरों पर संजय राउत ने कहा कि अब तक गठबंधन नहीं हुआ है। अभी इमोशनल टॉक चल रही है। इससे पहले उन्होंने एक शर्त रखी थी। कहा था कि राज साहब को उद्धव के साथ आने के लिए अपने घर में दुश्मनों को रखना बंद करना होगा।
इस बीच भाजपा नेता नितेश राणे ने रविवार को चौंकाने वाला बयान दिया। उन्होंने शिवसेना UBT के प्रमुख उद्धव से सवाल किया कि क्या गठबंधन के लिए उन्होंने पत्नी रश्मि ठाकरे से परमिशन ली है।
नितेश राणे ने एक पॉडकास्ट में कहा कि ऐसे मामलों में पत्नी की राय ज्यादा मायने रखती है। राणे ने कहा कि राज ठाकरे को शिवसेना से बाहर निकालने के पीछे उद्धव की पत्नी रश्मि ठाकरे का ही हाथ था। उस समय दोनों चचेरे भाइयों के बीच कोई मतभेद नहीं था।
हालांकि महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि अगर राज और उद्धव साथ आते हैं तो हमें खुशी होगी। मतभेद मिटाना अच्छी बात है।
दरअसल, महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS) चीफ राज ठाकरे ने शनिवार को कहा था- उद्धव से राजनीतिक मतभेद हैं, विवाद हैं, झगड़े हैं, लेकिन यह सब महाराष्ट्र के आगे बहुत छोटी चीज हैं। महाराष्ट्र और मराठी लोगों के हित के लिए साथ आना कोई बहुत बड़ी मुश्किल नहीं है।
राज ठाकरे ने अभिनेता और निर्देशक महेश मांजरेकर के यू-ट्यूब चैनल पर यह बातें कही थीं। उद्धव ने भी राज के बयान पर कहा था कि मेरी तरफ से कभी कोई झगड़ा नहीं था।
राउत ने रखी शर्त
शिवसेना (UBT) सांसद संजय राउत ने कहा कि उद्धव एक शर्त पर राज से बात को तैयार हैं, अगर राज महाराष्ट्र और शिवसेना (UBT) के दुश्मनों को अपने घर में जगह न दें। वहीं, शिवसेना नेता नरेश म्हस्के ने उद्धव से पूछा कि जब उन्होंने खुद राज को पार्टी से अलग किया, तो अब एकजुटता की बात क्यों कर रहे हैं?
शिवसेना (UBT) नेता अंबादास दानवे ने कहा है कि दोनों भाई हैं, लेकिन उनकी राजनीति अलग है। अगर साथ आना है तो आमने-सामने बात होनी चाहिए, टीवी पर नहीं।’
2005 में अलग हुए थे राज-उद्धव
शिवसेना में उद्धव को उत्तराधिकारी घोषित किए जाने के बाद 27 नवंबर 2005 को राज ने पार्टी से इस्तीफा दे दिया था। इसके बाद राज ने अपनी पार्टी ‘महाराष्ट्र नव निर्माण सेना’ बनाई थी। तब से दोनों के बीच रिश्ते अच्छे नहीं रहे।


