रंगपंचमी पर्व पर रविवार को मध्य प्रदेश रंगों और गुलाल से सराबोर रहा। इंदौर में टोरी कॉर्नर की गेर में तीन टैंकरों पर मिसाइलें लगाकर रंग बरसाया गया। ऑपरेशन सिंदूर की याद में टैंक से रंगीन पानी की बौछार की गई।
नगर निगम की गेर में हाथी की प्रतिकृति की सूंड से रंगीन पानी लोगों पर डाला गया। इतना गुलाल उड़ा कि आकाश रंगीन नजर आने लगा। मॉरल क्लब समिति की गेर में 15 ब्लोअर मशीनें, 6 डीजे गाड़ियां, एक बड़ी बोरिंग मशीन और 6 ट्रैक्टर-ट्रॉलियों पर अलग-अलग झांकियां चलती रहीं।
संगम कॉर्नर समिति की गेर में बरसाना की टीम ने लट्ठमार होली खेली। राधा-कृष्ण की जोड़ी ने रास रचाया। युवाओं की टोली होली गीत और देशभक्ति के तरानों पर नाचती-झूमती रही।
इससे पहले रंगोत्सव की शुरुआत उज्जैन में बाबा महाकाल को केसरयुक्त जल अर्पित करके की गई। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने ध्वज पूजन किया। बाबा का अभिषेक करने के बाद प्रदक्षिणा की। तलवारबाजी के जौहर भी दिखाए। फिर संतनगर की गेर में शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने लोगों पर फूल और गुलाल बरसाए। होली गीतों पर दोनों हाथ उठाकर थिरकते नजर आए।
उज्जैन में संत नगर की गेर में सीएम यादव के पहुंचने से पहले किसी ने पटाखा फोड़ दिया। अचानक फोड़े गए इस पटाखे की आवाज सुनकर हल्की भगदड़ की स्थिति बन गई। जमीन पर गिर जाने से एक शख्स घायल हो गया। जिसे एम्बुलेंस से अस्पताल भेजा गया है।
पूर्व विधायक और कांग्रेस के राष्ट्रीय सचिव सत्यनारायण पटेल, इंदौर में रंगपंचमी की गेर पर हेलिकॉप्टर से पुष्पवर्षा नहीं कर पाए। जिला प्रशासन ने उन्हें इसकी अनुमति नहीं दी। पटेल ने इस फैसले को राजनीति से प्रेरित और मनमाना करार दिया।
उन्होंने कहा- प्रयागराज में कुंभ के दौरान 15 दिन तक लगातार हेलिकॉप्टर से पुष्प वर्षा की गई। इंदौर में ही बड़ा गणपति मंदिर, गोंदवले धाम और दास बगीची से निकले धार्मिक जुलूस पर भी पुष्प वर्षा की गई। ऐसे में इंदौर की पहचान और सामाजिक एकता की प्रतीक ‘गेर’ के लिए इसकी अनुमति रद्द करना समझ से परे है।


