महाराष्ट्र के ठाणे जिले में हिंदी भाषी रिक्शा ड्राइवर का एक मराठी पैसेंजर से किसी बात को लेकर झगड़ा हो गया। बात मारपीट तक पहुंच गई।
इस विवाद में महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS) कार्यकर्ताओं ने दखल दिया। भिवंडी नगर अध्यक्ष मनोज गुलवी ने ड्राइवर को माफी मांगने पर मजबूर किया।
गुलवी ने धमकी दी कि आगे अगर किसी किसी मराठी युवक को छूने की कोशिश की, तो देख लेना हाथ कहां जाएगा।
कुछ दिन पहले गुजराती दुकानदार से मारपीट हुई थी
ठाणे में ही MNS कार्यकर्ताओं ने गुजराती दुकानदार से मारपीट की थी। बहस दुकानदार के मराठी न बोलने पर हुई थी। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। वीडियो 30 जून का था। कार्यकर्ता ने दुकानदार से कहा कि तुमने मुझसे पूछा कि मराठी क्यों बोलनी चाहिए? जब तुम्हें परेशानी थी, तब तुम MNS ऑफिस आए थे।
दुकानदार ने जवाब में कहा कि उसे नहीं पता था कि मराठी बोलना अब जरूरी हो गया है। इस पर एक कार्यकर्ता गाली देते हुए दुकानदार को धमकाता है कि उसे इस इलाके में कारोबार नहीं करने दिया जाएगा। बहस के दौरान दुकानदार से मारपीट की गई थी।
जब दुकानदार पूछता है कि उसे मराठी सीखनी पड़ेगी, तो एक कार्यकर्ता कहता है, ‘हां, ऐसा कहो। लेकिन ये क्यों पूछ रहे हो कि मराठी क्यों सीखनी चाहिए? ये महाराष्ट्र है। महाराष्ट्र में कौन-सी भाषा बोली जाती है?’
दुकानदार कहता है- ‘सभी भाषाएं’, तो एक कार्यकर्ता उसे थप्पड़ मार देता है। फिर कार्यकर्ता दुकानदार को दो बार थप्पड़ मारता है। दुकानदार कुछ समझाने की कोशिश करता है, लेकिन उसे चार बार और थप्पड़ मारे जाते हैं।


