बिहार के स्कूलों में छुटि्टयों को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। विपक्ष का आरोप है कि राज्य सरकार ने कृष्ण जन्माष्टमी, महाशिवरात्रि, बसंत पंचमी जैसी हिंदुओं की छुटि्टयां घटा दी हैं, वहीं मुस्लिम त्याहारों की छुटि्टयों में बढ़ोतरी की है।
दैनिक भास्कर ने इस खबर की पड़ताल की तो खुलासा हुआ कि छुटि्टयों को लेकर सारा विवाद दरअसल अधूरी जानकारी की वजह से पैदा हुआ। राज्य सरकार की ओर से जारी छुट्टी के कैलेंडर ने इसे हवा दी।
यह कैलेंडर उर्दू स्कूलों के लिए जारी हुआ था। इसमें कृष्ण जन्माष्टमी, महाशिवरात्रि, बसंत पंचमी जैसे हिंदू त्योहारों पर छुट्टी का कोई जिक्र नहीं था।दरअसल, बिहार के शिक्षा विभाग ने स्कूलों में साल 2024 के लिए छुटि्टयों के दो कैलेंडर जारी किए हैं। ऐसा राज्य में पहली बार हुआ है।
ये कैलेंडर उर्दू स्कूलों के लिए अलग हैं और सामान्य स्कूलों के लिए अलग। अब पढ़िए इन दोनों कैलेंडरों में किस वर्ग को कितनी छुटि्टयां दी गई हैं, किसकी कितनी घटी हैं और किसकी कितनी बढ़ी हैं।
उर्दू स्कूलों में ईद, बकरीद की छुटि्टयां बढ़ीं, बसंत पंचमी, महाशिवरात्रि की घटीं
उर्दू स्कूलों के लिए जारी कैलेंडर में कुल 60 छुटि्टयां दी गई हैं। इसमें बच्चों के लिए कुछ छुटि्टयां बढ़ाई भी गई हैं। ईद पर एक की जगह तीन दिन, बकरीद पर दो की जगह तीन दिन और मुहर्रम पर भी दो की जगह तीन दिन की छुट्टी दी गई है।
गौरतलब है कि जिस कैलेंडर के हवाले से बसंत पंचमी, महाशिवरात्रि या कृष्ण जन्माष्टमी पर छुट्टी न देने की बात कही जा रही है, वह यही उर्दू स्कूलों का कैलेंडर है। नए आदेश के मुताबिक राज्य के सभी उर्दू प्राथमिक, मध्य, माध्यमिक और उच्च माध्यमिक स्कूलों या मदरसों में साप्ताहिक छुट्टी शुक्रवार को होगी। जबकि रविवार को ये स्कूल खुले रहेंगे।


