Palwal / बुधवार, दिनांक 22 अप्रैल 2026 को बंचारी स्थित K.C. M पब्लिक स्कूल में पृथ्वी दिवस बड़े ही उत्साह और जागरूकता के साथ मनाया गया। इस अवसर पर विद्यार्थियों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया और पर्यावरण संरक्षण का सशक्त संदेश दिया।
कार्यक्रम की शुरुआत एक विशेष प्रार्थना सभा (स्पेशल असेंबली) से हुई, जिसमें विद्यालय के चेयरमैन श्री आर. एन. भारद्वाज ने पर्यावरण संरक्षण के महत्व पर अपने विचार व्यक्त किए और विद्यार्थियों को इसके प्रति सजग रहने के लिए प्रेरित किया। साथ ही विद्यालय की प्राचार्या श्रीमती संघमित्रा ने भी पृथ्वी और पर्यावरण से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियाँ साझा कीं।
इसके अंतर्गत कक्षा छठी के विद्यार्थियों ने एक प्रभावशाली स्किट (नाटक) प्रस्तुत किया, जिसके माध्यम से यह संदेश दिया गया कि पर्यावरण को नुकसान पहुँचाना एक गलत कार्य है और इसका दुष्प्रभाव अंततः मानव जीवन पर ही पड़ता है।
पृथ्वी दिवस के उपलक्ष्य में विभिन्न प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। कक्षा आठवीं के विद्यार्थियों ने पोस्टर प्रतियोगिता में भाग लेकर पृथ्वी के संरक्षण का संदेश दिया, जबकि कक्षा तीसरी से पाँचवीं तक के विद्यार्थियों ने ड्राइंग प्रतियोगिता में अपनी रचनात्मकता का प्रदर्शन किया। इसके अतिरिक्त LKG से कक्षा दूसरी तक के नन्हे-मुन्ने विद्यार्थियों ने पौधारोपण (प्लांटेशन ड्राइव) में भाग लेकर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया।
छोटे बच्चों ने भी एक आकर्षक नाटक प्रस्तुत किया, जिसमें उन्होंने सरल तरीके से समझाया कि जब हम पृथ्वी पर मौजूद जीव-जंतुओं और पेड़-पौधों को नुकसान पहुँचाते हैं, तो उसका परिणाम अंततः हमें ही भुगतना पड़ता है।
कार्यक्रम का आयोजन श्रीमती ऋतु बाला एवं श्रीमती प्रीति के साथ उनकी टीम के शिक्षकों के सहयोग से सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। सभी शिक्षकों ने इस कार्यक्रम को सफल बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया।
NEP 2020 के अनुरूप पहल:
यह आयोजन नई शिक्षा नीति 2020 के उद्देश्यों के अनुरूप था, जिसमें अनुभवात्मक अधिगम (Experiential Learning), कला-एकीकृत शिक्षण (Art-Integrated Learning) तथा जीवन कौशल आधारित शिक्षा पर विशेष जोर दिया गया है। स्किट, पोस्टर निर्माण, भाषण एवं पौधारोपण जैसी गतिविधियों के माध्यम से विद्यार्थियों में रचनात्मकता, पर्यावरणीय जागरूकता, सामाजिक जिम्मेदारी और व्यावहारिक ज्ञान का विकास हुआ।
यह आयोजन विद्यार्थियों में पर्यावरण के प्रति जिम्मेदारी और जागरूकता विकसित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हुआ।


