फरीदाबाद। इनेलो के जिलाध्यक्ष रुपचंद लाम्बा ने कहा है कि हरियाणा में इनेलो ने सदैव किसान, गरीब, कमेरे सहित छत्तीस बिरादरी के हक-हकूक की आवाज बुलंद की है। भाजपा सरकार द्वारा बुजुर्गाे की सम्मान पैंशन बंद करने के मुद्दे को इनेलो सुप्रीमो चौ. अभय चौटाला ने पुरजोर तरीके से उठाया, नतीजतन इनेलो पार्टी के बढ़ते दबाव के चलते भाजपा ने फिर से बुजुर्गाे की पैंशन शुरु कर दी, जिससे हजारों बुजुर्गाे के चेहरों पर फिर से मुस्कान लौटी है, इसको लेकर समूचे प्रदेश में इनेलो आज विजय दिवस मना रही है। श्री लाम्बा शुक्रवार को सेक्टर-11 स्थित जिला इनेलो कार्यालय पर आयोजित पत्रकार वार्ता को संबोधित कर रहे थे।
इस मौके पर उनके साथ मुख्य रुप से इनेलो के राष्ट्रीय महासचिव देवेंद्र चौहान, जगजीत कौर पन्न्नू, सुरेश मोर, जितेद्र, एडवोकेट जीत डागर, संजय तंवर, महावीर मास्टर सहित अनेकों इनेलो कार्यकर्ता मौजूद थे। पत्रकारों को संबोधित करते हुए रुपचंद लाम्बा ने कहा कि 25 जुलाई 1987 को पूर्व उपप्रधानमंत्री ताऊ देवीलाल ने बुजुर्गाे के लिए सम्मान पैंशन योजना शुरु की थी, 1991 से 1999 तक बंसीलाल और भजनलाल सरकार में पैंशन राशि में कोई बढ़ोतरी नहीं की गई, जबकि पूर्व की हुड्डा सरकार और मौजूदा भाजपा सरकार ने विभिन्न प्रकार की शर्ते लगाकर बुजुर्गाे की पैंशन बंद करने का काम किया।
हाल ही में भाजपा सरकार द्वारा करीब 70-75 हजार बुजुर्गाे पैंशन बंद कर दी गई थी, जिसको लेकर इनेलो सुप्रीमो चौ. अभय सिंह चौटाला ने प्रमुखता से इस मुद्दे को उठाया और इसके समर्थन में 20 फरवरी को पंचकूला में एक विशाल प्रदर्शन करने का निर्णय लिया था, इनेलो के इस बड़े कदम से घबराते हुए भाजपा सरकार ने बुजुर्गाे की बंद की गई पैंशन राशि को 200 रुपए बढ़ाकर पुन: शुरु कर दिया, जिसको लेकर आज समूचे हरियाणा में जिलास्तर पर इनेलो विजय दिवस मना रही है।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस-भाजपा एक सिक्के के दो पहलु है और इन दोनों पार्टियों ने सदैव किसानों व बुजुर्गाे का शोषण करने का काम किया है, केवल इनेलो ही एक ऐसी पार्टी है, जिसने सदैव हर वर्ग को सम्मान दिया है। इस मौके पर इनेलो के राष्ट्रीय महासचिव देवेंद्र चौहान ने कहा कि इनेलो पार्टी ने बुजुर्गाे के सम्मान देने के लिए यह पैंशन शुरु की थी, लेकिन भाजपा सरकार अब इनमें नए-नए संशोधन करके बुजुर्गाे को इससे वंचित कर रही है, जो कि गलत है। उन्होंने कहा कि यह सम्मान पैंशन है, इसलिए चाहे व्यापारी हो या दुकानदार, किसान हो या फिर आम आदमी, जो बुजुर्ग है, वह इसके दायरे में आते है और उन्हें इसका लाभ मिलना चाहिए। इस पैंशन को आय व इंकम टैक्स भरने जैसे दायरे में नहीं लाना चाहिए, यह हर बुजुर्गे का सम्मान है और उसे मिलना चाहिए।


