नासिक के TCS ऑफिस में धर्मांतरण और यौन उत्पीड़न के मामले में आरोपी निदा खान 8 दिन से फरार है। पुलिस के मुताबिक, उसे ढूंढने के लिए तीन अलग-अलग टीमें बनाई गईं हैं।
निदा के पति को शुक्रवार को पूछताछ के लिए मुंबई पुलिस ने हिरासत में लिया। पति ने बताया था कि निदा एक रिश्तेदार के घर पर रुकी हुई है, लेकिन जब अधिकारी वहां पहुंचे तो घर पर ताला लगा हुआ था। पुलिस ने बताया कि आरोपी और उसके रिश्तेदारों दोनों के मोबाइल फोन भी बंद हैं।
उधर TCS कंपनी ने भी इंटरनल जांच शुरू कर दी है। कंपनी ने बताया कि किसी भी पीड़ित ने कंपनी की POSH (प्रिवेंशन ऑफ सेक्शुअल हैरेसमेंट) पॉलिसी के तहत कभी कोई लिखित शिकायत नहीं की।
पुलिस ने इस मामले में अब तक 8 लोगों के खिलाफ 9 FIR दर्ज की गई है। 7 लोगों को गिरफ्तार कर किया है।
इस बीच फरार आरोपी निदा खान ने अग्रिम जमानत के लिए कोर्ट में अर्जी दी है। निदा के पिता ने कहा कि उनकी बेटी के खिलाफ साजिश हुई है। यह मामला नासिक के बाबा अशोक खरात से जुड़े विवाद को दबाने के लिए खड़ा किया गया है। निदा ने शिकायत करने वाली महिला से कभी बात तक नहीं की और न ही किसी को धर्म परिवर्तन के लिए कहा।
उनका परिवार सभी धर्मों का सम्मान करता है। परिवार ने बताया कि निदा इस समय गर्भवती है और भिवंडी स्थित अपने ससुराल में रह रही हैं।
TCS ने 9 अप्रैल को निदा को सस्पेंड कर दिया था। सस्पेंड में कहा गया कि उनके खिलाफ गंभीर मामला सामने आया है। कंपनी ने उनका सिस्टम एक्सेस बंद कर दिया है। सभी कंपनी एसेट्स लौटाने के निर्देश दिए हैं। निदा खान ने दिसंबर 2021 में कंपनी जॉइन की थी। वह प्रोसेस एसोसिएट के पद पर काम कर रही थीं।
चार सदस्यीय जांच समिति ने जांच शुरू कर दी है। वकील मोनिका अरोड़ा ने शनिवार को ANI से कहा कि पैनल सभी पक्षों से बात करेगा और उसके बाद रिपोर्ट तैयार करेगा।
उन्होंने कहा कि अभी कोई निष्कर्ष देना संभव नहीं है। सभीसे बातचीत के बाद जो तथ्य सामने आएंगे, उसी आधार पर सिफारिश और रिपोर्ट बनाई जाएगी। यह समिति चार सदस्यों की है, जिसमें एक रिटायर्ड जज, एक पूर्व IPS अधिकारी, एक वकील और NCW का कोऑर्डिनेटर शामिल है।
TCS के नासिक ऑफिस में काम करने वाली महिलाओं ने यौन शोषण के आरोप लगाए। SIT से जुड़े सोर्स कहते हैं, ‘पहली FIR 26 मार्च को देवलाली कैंप पुलिस स्टेशन में दर्ज की गई थी। इसके बाद 8 और महिलाओं ने शिकायत दर्ज कराई। इनके बयानों से यौन शोषण, जोर-जबरदस्ती और धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने का पैटर्न सामने आया है।


