पुणे इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर शुक्रवार रात भारतीय वायुसेना के लड़ाकू विमान की हार्ड लैंडिंग हुई। रात 10:30 बजे हुई इस घटना के बाद रनवे को अस्थायी रूप से बंद कर दिया गया था। जिसके कारण एयरपोर्ट पर फ्लाइट ऑपरेशन करीब 11 घंटे तक प्रभावित रहा।
पुणे एयरपोर्ट के डायरेक्टर संतोष धोके ने बताया कि IAF के विमान को सुबह करीब 5.45 बजे रनवे से हटा दिया गया था। लेकिन नोटम का टाइम बढ़ाकर सुबह 9 बजे कर दिया गया था। हालांकि फ्लाइट ऑपरेशन सुबह 7.30 बजे के बाद नॉर्मल हो सका।
IAF ने X पर बताया कि दोनों पायलट सुरक्षित हैं। रनवे की मरम्मत के बाद उसे फ्लाइट्स के लिए फिट घोषित कर दिया गया। दिन भर में ऑपरेशन सामान्य हो जाएगा।
एयरपोर्ट डायरेक्टर के मुताबिक रनवे बंद रहने के दौरान 5 एयरलाइंस की 91 फ्लाइट्स कैंसिल करनी पड़ी थीं। जबकि 12 फ्लाइट्स को डाइवर्ट कर दिया गया।
न्यूज एजेंसी PTI के मुताबिक पुणे इंटरनेशनल एयरपोर्ट के अधिकारियों के बताया कि शुक्रवार रात लगभग 22:25 बजे लड़ाकू विमान लैंडिंग करने वाला था। इस दौरान उसका ‘अंडरकैरेज’ (लैंडिंग गियर यानी पहियों के नीचे का हिस्सा) खराब हो गया था, जिसके कारण वह रनवे पर टकरा गया। इससे रनवे ब्लॉक हो गया था।
SATCO IAF के अनुसार विमान वहीं फंस गया था। विमान की स्थिति और उसमें हुई क्षति को देखते हुए, रनवे को अस्थायी रूप से बंद करने के लिए सुबह 5.30 बजे तक के लिए एक NOTAM जारी किया गया था। बाद में यह समय बढ़ाकर सुबह 9 बजे तक कर दिया गया।
हालांकि यह कौन सा फाइटर जेट था, इसके बारे में अथॉरिटीज ने कोई जानकारी नहीं दी है। न ही इसके विजुअल मिल सके।
आम तौर पर रनवे पर लैंड करते समय प्लेन धीरे-धीरे और स्मूदली उतरता है। लेकिन अगर वह जोर से रनवे पर टकरा जाए या तेजी से नीचे आए तो उसे हार्ड लैंडिंग कहते हैं। हार्ड लैंडिंग की कई वजह हो सकती हैं, इनमें खराब मौसम (तेज हवा, तूफान), पायलट के कैल्कुलेशन में गड़बड़ी या फिर अचानक हवा का दबाव बदलना शामिल है।
हार्ड लैंडिंग के दौरान कभी-कभी सिर्फ झटका ही लगता है, लेकिन इन्टेन्सिटी ज्यादा होने से विमान को नुकसान हो सकता है। उसमें बैठे पैसेंजर और क्रू को चोटें लग सकती हैं।


