भिवानी। हरियाणा में सहकारिता आंदोलन को सशक्त बनाने की दिशा में सहकार भारती के प्रयास लगातार सकारात्मक परिणाम दे रहे हैं। सहकार भारती हरियाणा की पहल से हैफेड से संबंधित दो सहकारी समितियों — द किसान भारती कोऑपरेटिव मल्टी पर्पस सोसाइटी लि. तथा द किसान फ्रूट्स एंड वेजटेबल प्रोडक्शन एंड मार्केटिंग सोसाइटी लि. को गेहूं बीज बिक्री का अधिकार पुनः प्राप्त हुआ है।
साथ ही, इन समितियों की लंबे समय से लंबित लाखों रुपये की सब्सिडी राशि जारी करवाने की स्वीकृति भी मिल गई है। यह जानकारी
प्रांत प्रमुख (पैक्स प्रकोष्ठ) हनुमान सिंह ने प्रदेश कार्यालय पर देते हुए बताया कि राज्य में लगभग 68 सहकारी विपणन समितियां एवं 500 से अधिक M-PACS समितियां किसानों को सब्सिडी पर गेहूं बीज उपलब्ध कराती हैं। हालांकि, सब्सिडी भुगतान में देरी के कारण समितियों को आर्थिक दबाव का सामना करना पड़ता है।
प्रदेश महासचिव डॉ. सौरभ भीष्म ने कहा कि संबंधित समितियों को लंबे समय से न तो बीज बिक्री की अनुमति मिल रही थी और न ही सब्सिडी का भुगतान हो रहा था। सहकार भारती ने इस गंभीर विषय को मजबूती से उठाया, जिसके परिणामस्वरूप अब समितियों को उनका अधिकार प्राप्त हुआ है।
प्रांत अध्यक्ष राजवीर गोदारा के मार्गदर्शन में प्रतिनिधिमंडल ने कृषि विभाग के समक्ष यह मुद्दा भी रखा कि सब्सिडी भुगतान में 1 से 2 वर्ष की देरी से समितियों को ब्याज हानि उठानी पड़ती है। विभाग ने इस पर सकारात्मक कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
सहकार भारती ने सुझाव दिया है कि सब्सिडी राशि सीधे बीज उत्पादक कंपनियों को दी जाए, ताकि प्रणाली पारदर्शी, समयबद्ध और समितियों के लिए राहतकारी बन सके।
प्रांत मीडिया प्रमुख विष्णु चौहान ने इसे सहकार भारती की प्रभावी पहल बताते हुए कहा कि संगठन भविष्य में भी किसानों और सहकारी संस्थाओं के हितों के लिए प्रतिबद्ध रहेगा।
सहकार भारती के प्रयासों से समितियों को लंबित सब्सिडी होगी जारी: हनुमान सिंह
इस न्यूज़ पोर्टल अतुल्यलोकतंत्र न्यूज़ .कॉम का आरम्भ 2015 में हुआ था। इसके मुख्य संपादक पत्रकार दीपक शर्मा हैं ,उन्होंने अपने समाचार पत्र अतुल्यलोकतंत्र को भी 2016 फ़रवरी में आरम्भ किया था। भारत सरकार के सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय से इस नाम को मान्यता जनवरी 2016 में ही मिल गई थी ।
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