पहलगाम आतंकी हमले की पहली बरसी से पहले कश्मीर भर के टूरिस्ट स्पॉट्स पर सुरक्षा बढ़ा दी गई है। सभी सुरक्षा एजेंसियों को निर्देश दिया गया है कि वे पहलगाम हमले की बरसी पर टूरिस्ट स्पॉट्स के आस-पास, किसी भी संभावित आतंकी हमले को लेकर सतर्क रहें।
पहलगाम आने वाले टूरिस्टों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए कई कदम उठाए गए हैं। हर सर्विस प्रोवाइडर की जांच-पड़ताल की गई है। उन्हें रजिस्टर्ड किया है। उन्हें यूनीक QR कोड दिया गया है। इसमें व्यक्ति की निजी जानकारी और दूसरी डिटेल्स हैं।
दरअसल, पिछले साल 22 अप्रैल को लश्कर-ए-तैयबा के आतंकियों ने पहलगाम की बायसरन वैली में 26 लोगों को गोली मारकर हत्या कर दी थी। इनमें 25 टूरिस्ट और एक पोनी राइडर शामिल था।
हमले के कारण जम्मू-कश्मीर से टूरिस्ट ने आना बंद कर दिया था। लगभग 50 टूरिस्ट स्पॉट बंद कर दिए गए थे। बाद में सिक्योरिटी ऑडिट के बाद कुछ स्पॉट दोबारा खोले गए।
जम्मू-कश्मीर के बाहर से आकर यहां काम करने वाले वेंडरों का भी पुलिस ने पूरा वेरिफिकेशन किया है, ताकि सुरक्षा में कोई कमी न रहे। इसी वजह से उन्हें अलग-अलग QR कोड दिए गए हैं।
इन QR कोड में व्यक्ति का नाम, पिता का नाम, पूरा पता, मोबाइल नंबर, आधार नंबर, रजिस्ट्रेशन नंबर, काम का क्षेत्र दर्ज होती है। साथ ही यह जानकारी भी होती है कि उसका पुलिस वेरिफिकेशन हुआ है या नहीं।
पहलगाम में काम करने वाले सभी लोग जैसे पोनी राइड चलाने वाले, फोटोग्राफर, वेंडर और अन्य को जांच के बाद ही QR कोड दिए गए हैं।
अमेरिका में भारतीय दूतावास कैपिटल हिल पर मंगलवार को एक प्रदर्शनी लगाएगा, जिसमें पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवाद पर फोकस होगा।
भारत के राजदूत विनय मोहन क्वात्रा ‘द ह्यूमन कॉस्ट ऑफ टेररिज्म’ प्रदर्शनी का उद्घाटन करेंगे। इसका उद्देश्य आतंकवाद से होने वाले नुकसान और उसके असर को सामने रखना है।
यह एक डिजिटल प्रदर्शनी होगी, जिसमें 1993 के मुंबई बम धमाके, 2008 के मुंबई हमले और पहलगाम हमले जैसे मामलों को दिखाया जाएगा। साथ ही इन हमलों के पीछे रहे संगठनों और उनसे जुड़े लोगों की जानकारी भी दी जाएगी।


